जागता झारखंड ब्यूरो संतोष कुमार जामताड़ा।रविवार को जामताड़ा जिले में त्याग और बलिदान का प्रतीक पर्व मुहर्रम को लेकर एक भव्य और ऐतिहासिक जुलूस का आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न गांवों से ताजिया और अखाड़ा कमेटियां एकत्रित होकर सुभाष चौक पहुंचीं। जुलूस के दौरान या अली, या हुसैन के नारों की गूंज पूरे वातावरण में सुनाई दी।मौके पर अखाड़ा खिलाड़ियों ने अपनी अद्भुत और हैरतअंगेज कलाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तलवारबाज़ी, भाला चलाना, गड़ासा, लाठी और आग के करतबों ने मुहर्रम के जुलूस को एक जीवंत मैदान-ए-जंग में तब्दील कर दिया।मुहर्रम को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने अपने दल-बल के साथ मौके पर तैनात रहकर विधि व्यवस्था पर निगरानी रखी।आयोजको ने बताया कि मुहर्रम पर्व का यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह समाज में एकता और सौहार्द का भी संदेश देता है। इस पर्व के माध्यम से हम सभी को त्याग, बलिदान और धार्मिक सौहार्द की भावना को मजबूत करने का अवसर मिलता है। मौके पर एसडीओ अनंत कुमार, मो.सफीक अंसारी के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।














