मुजफ्फर हुसैन, जागता झारखण्ड, ब्यूरो राँची : राँची जिला के ओरमांझी प्रखंड अंतर्गत चंद्रा पंचायत स्थित मायापुर सरना स्थल में रविवार को सरहुल पूजा महोत्सव धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। आदिवासी 22 पड़हा सरना समिति सदमा-ओरमांझी-कांके के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में सरहुल शोभायात्रा भव्य रूप से निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम में खिजरी विधायक राजेश कच्छप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सरहुल पर्व की सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए आदिवासी परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया। मौके पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की। मांदर की थाप और सरहुल गीतों की गूंज से पूरा क्षेत्र संगीतमय हो उठा। पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोग एक-दूसरे को सरहुल पर्व की शुभकामनाएं देते नजर आए। सरहुल पर्व के उपलक्ष्य में सदमा, चंद्रा, मायापुर समेत आसपास के गांवों की मंडलियों ने आकर्षक शोभायात्रा निकाली। महिलाओं और युवाओं ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। पूरे क्षेत्र में उत्सव और उमंग का माहौल बना रहा। समारोह में जिला परिषद सदस्य कमिश्नर मुंडा, उप प्रमुख रिजवान अंसारी, विधायक प्रतिनिधि हरिमोहन महतो, मुखिया शिमा तिर्की, रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस कमिटी के महासचिव हुमायूं उर्फ नईम अंसारी, रमेश उरांव, हैदर अंसारी, मुबारक अंसारी, मज़िबुल अंसारी, मोबिन अंसारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम को सफल बनाने में आदिवासी सरना 22 पड़हा समिति के अध्यक्ष बाबूलाल महली, संरक्षक रमेश चंद्र उरांव, सचिव रमेश उरांव, कोषाध्यक्ष धनेश्वर मुंडा, एतवा मुंडा, ललिता पहान, कमलनाथ मुंडा, बिगू उरांव, हरिलाल मुंडा समेत समिति के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और पारंपरिक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने इस महोत्सव को यादगार बना दिया।







