प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठे सवाल घायल युवक की हालत गंभीर ।
जागता झारखंड नरेंद्र कुमार ब्यूरो लातेहार चंदवा : रविवार की शाम रांची में एक और चौंकाने वाली वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के व्यस्त क्षेत्र सेवा सदन अस्पताल के समीप पांच युवकों ने एक युवक पर न केवल बेरहमी से हमला किया, बल्कि उसे अधमरा कर छोड़ कर फरार हो गए। घटना शाम करीब 8:00 बजे की है, जब लातेहार जिला अंतर्गत चंदवा निवासी आदित्य राज ठाकुर, जो पहाड़ी मंदिर के समीप एक किराए के मकान में रहकर कार्यरत हैं, अपनी पल्सर बाइक से काम करके घर लौट रहे थे। पीड़ित आदित्य ठाकुर ने कोतवाली थाना को दिए अपने बयान में बताया कि जैसे ही वह सेवा सदन अस्पताल के पास पहुंचा, एक स्विफ्ट डिजायर कार (गाड़ी संख्या JH01BK4782) ने आकर उसकी बाइक से टक्कर की स्थिति बना दी। जब आदित्य ने आपत्ति जताते हुए कहा कि वह गिर सकता था, तो कार में सवार पांच युवकों ने उसे घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। गवाहों के अनुसार, हमलावर युवकों में से एक ने आदित्य के सिर पर हेलमेट से वार किया, वहीं दूसरा युवक बेल्ट से मारने लगा। तीन अन्य युवक उसे पकड़ कर पीटते रहे। आदित्य उस समय अकेले थे और हमलावरों की संख्या पांच थी, जिससे वह कोई प्रतिरोध नहीं कर पाए। उन्होंने यह भी बताया कि सभी हमलावर शराब के नशे में थे। किसी तरह जान बचाकर आदित्य वहां से निकले और कोतवाली थाना में घटना की सूचना दी। थाना की पेट्रोलिंग गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी पास के ब्लड बैंक में छुप चुके थे। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पुलिस की मौजूदगी के बावजूद पांचों युवक वहां से भागने में सफल हो गए। आदित्य को तत्काल उनके रिश्तेदारों द्वारा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके सिर, मुंह और शरीर पर गंभीर चोट की पुष्टि की। चिकित्सकों के अनुसार हमले में गहरे आघात लगे हैं। इस पूरे हमले से संबंधित प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है, परंतु घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। शहर के नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताई है। चश्मदीदों के अनुसार आरोपी ब्लड बैंक के पास छुपे थे, परंतु पुलिस उन्हें पकड़ने में असफल रही। यह प्रश्न अनिवार्य हो गया है कि यदि व्यस्त सड़क पर, सार्वजनिक स्थल के पास एक आम नागरिक के साथ इस तरह का हमला हो सकता है, तो आमजन की सुरक्षा किसके भरोसे है? वहीं घायल आदित्य ठाकुर ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हमलावरों की पहचान गाड़ी संख्या के माध्यम से की जा सकती है, फिर भी गिरफ्तारी न होना पुलिस की गंभीर लापरवाही का प्रमाण है। उन्होंने मुख्यमंत्री और पुलिस अधीक्षक से भी न्याय की गुहार लगाई है। समाचार लिखे जाने तक घटना से जुड़े पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। कोतवाली पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वहीं, शहरवासियों को यह आशंका है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में कहीं यह मामला दबा न दिया जाए।








