पारंपरिक विधि से संपन्न हुआ कार्यक्रम, फगुआ गीतों पर झूमे श्रद्धालु…
जागता झारखंड संवाददाता पाकुड़: सत्य सनातन संस्था पाकुड़ की ओर से शहर के रथ मेला मैदान में सोमवार को देर रात होलिका दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजीत कुमार चौबे तथा सचिव चंदन प्रकाश ने की। कार्यक्रम में संस्था के मार्गदर्शक संतोष तिवारी और दीपक साहा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। संस्था की ओर से अतिथियों को अंगवस्त्र एवं मनुस्मृति भेंट कर सम्मानित किया गया।
होली प्रेम, एकता और विजय का प्रतीक: संतोष तिवारी
संतोष तिवारी ने कहा कि होली सनातन धर्म में प्रेम, एकता और विजय का प्रतीक है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है, जबकि रंगों का उत्सव आपसी आनंद और सौहार्द का परिचायक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करता है।
प्रह्लाद की भक्ति और सत्य की विजय का संदेश: रंजीत कुमार चौबे
रंजीत कुमार चौबे ने कहा कि हिरण्यकशिपु ने कई बार प्रह्लाद को मारने का प्रयास किया, किंतु वह सफल नहीं हुआ। अंत में उसने अपनी बहन होलिका को बुलाया, जिसे अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था। होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठी, परंतु ईश्वर की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए और होलिका भस्म हो गई। उसी स्मृति में प्रतिवर्ष होलिका दहन किया जाता है। अगले दिन रंगों का उत्सव मनाया जाता है, जिसे होली कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि होली शब्द का अर्थ पवित्रता है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में पवित्रता बनाए रखनी चाहिए। फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह प्राचीन भारतीय पर्व सनातन परंपरा का अत्यंत पवित्र उत्सव है, जिसे आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ मनाया जाना चाहिए।
चंद्र ग्रहण के कारण एक दिन पूर्व हुआ होलिका दहन
सचिव चंदन प्रकाश ने कहा कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी संस्था उत्साहपूर्वक होलिका दहन पर्व मना रही है। इस वर्ष चंद्र ग्रहण के कारण एक दिन पूर्व होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जबकि रंगों का उत्सव बुधवार को मनाया जाएगा।
होलिका दहन मतलब मन के विकार का दहन : दीपक
सत्य सनातन संस्था के अभिभावक सह संरक्षक दीपक कुमार साहा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि होलिका का दहन एक परम्परा है जिसे लोगों को होलिका दहन के साथ साथ मन के विकारों का भी दहन करना चाहिए और प्रत्येक वर्ष ये विकार आया कि नहीं विकार मन में पुनः घर बनाया कि नहीं और अगर ऐसा है तो पुनः होलिका दहन में उसका भी दहन ही होलिका दहन है ।
फगुआ गीतों से गूंजा मैदान
कार्यक्रम के दौरान होली गीतों पर लोग आनंदित होकर झूम उठे। बाहर से आए कलाकारों ने फगुआ गीत प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
संस्था द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जलपान और ठंडई की भी व्यवस्था की गई थी, जिसका लोगों ने जमकर आनंद लिया।
समारोह में पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सम्पा साहा ,बलराम दुबे, भगीरथ तिवारी , अधिवक्ता राजीव यादव , अधिवक्ता अजय यादव , जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल , दुलाली मंडल , भाजपा युवा नेता प्रसन्ना मिश्रा , झामुमो वरिष्ट नेता श्याम यादव , प्रकाश सिंह , सत्य सनातन संस्था के अध्यक्ष रंजीत कुमार चौबे , सचिव – चंदन प्रकाश , उपाध्यक्ष्य गौतम कुमार , कोषाध्यक्ष – अमर ठाकुर , सयुक्त सचिव – अजय भगत , जिलाध्यक्ष – हर्ष भगत , सत्यम कृष्णा ,सत्यम भगत , विशाल भगत , शानू रजक , अमित साहा ,सुमित पांडेय , रवि भगत , जनार्दन मालाकार , पुरोहित रोहित दास , संतोष कुमार सहित बड़ी संख्या में नगरवासी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।








