जागता झारखंड संवाददाता बजरंग कुमार महतो घाघरा (गुमला) :- घाघरा थाना क्षेत्र मुख्यालय स्थित घाघरा बस्ती में रविवार को पुलिस एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान ग्रामीणों को डायन-बिसाही, रैश ड्राइविंग, साइबर क्राइम एवं नशा मुक्ति जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई और उनसे बचाव के उपाय बताए गए।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और पुलिस द्वारा दी गई जानकारी को गंभीरता से सुना। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करना तथा लोगों को कानून के प्रति जागरूक और सजग बनाना था।
डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा समाज के लिए अभिशाप : थाना प्रभारी थाना
प्रभारी मोहन कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास में पड़कर कानून को हाथ में लेना अपराध है। उन्होंने बताया कि रैश ड्राइविंग के कारण सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे कई निर्दोष लोगों की जान जा रही है।उन्होंने आगे कहा कि साइबर क्राइम के मामलों में तेजी आई है, इसलिए अनजान कॉल, मैसेज या लिंक से सतर्क रहें और किसी भी स्थिति में अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। नशा मुक्ति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नशा समाज को खोखला कर रहा है, इससे दूर रहना अत्यंत आवश्यक है। पुलिस प्रशासन इस दिशा में लगातार कार्रवाई और जागरूकता अभियान चला रहा है।सुरक्षित
समाज के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी : मुखिया
घाघरा सदर के मुखिया योगेंद्र भगत ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट हों और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने अंधविश्वास और नशे से दूर रहने तथा एक सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण का संकल्प लिया।









