जागता झरखंड धनबाद संवाददाता सूरज पासवान धनबाद: धनबाद विधायक राज सिन्हा ने शनिवार को समाहरणालय में वरीय पुलिस अधीक्षक से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत कर हालिया पुलिस कार्यवाहियों पर तीखे आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई उन्हें आपातकाल के दौर की याद दिलाती है और सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
राज्य सरकार पर गंभीर आरोप
सिन्हा ने आरोप लगाया कि वर्तमान झारखंड सरकार प्रशासन या अन्य माध्यमों से छात्रों के विरोध को दबाने का प्रयत्न कर रही है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोगों के अधिकारों और आवाजें दबाई गई थीं, उसी प्रकार अब छात्रों की आवाज भी बाधित की जा रही है और सरकार अपने रवैये पर पुनर्विचार करे।
छात्रों के अधिकारों पर सवाल
विधायक ने जोर देकर कहा कि विरोध प्रदर्शन करना और अपनी मांगें उठाना नागरिकों व छात्रों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी किन परिस्थितियों में पुलिस को छात्रों के खिलाफ हॉकी स्टिक और डंडे का प्रयोग करना पड़ा और यदि प्रशासन यही रुख बनाए रखेगा तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगी।
मांगें और जांच की अपील
राज सिन्हा ने सरकार से आग्रह किया कि वे छात्रों की बात सुनें और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करें।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले का संज्ञान लेने तथा घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग भी की, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
राजनीतिक प्रतिक्रिया के संकेत
विधायक के बयानों के बाद इस मामले पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आने पर ही स्थिति और स्पष्ट होगी।





