मुजफ्फर हुसैन, जागता झारखण्ड, ब्यूरो राँची : झारखण्ड सहित पुरे देशभर में 28 मई दिन बृहस्पतिवार को मनाए जाने वाले ईद-उल-अजहा (बकरीद) के त्यौहार को सकुशल संपन्न कराने को लेकर कांग्रेस के ओरमांझी पश्चिमी मंडल अध्यक्ष सह खाद आपूर्ति विधायक प्रतिनिधि सफीउल्लाह अंसारी ने क्षेत्र वासियों को ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व कि हार्दिक मुबारकबाद दी है तथा सांप्रदायिक सद्भाव और सौहार्दपूर्ण माहौल में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व मनाने का अपील की है। उन्होंने कहा है कि इस्लाम धर्म में त्याग की पवित्र भावना का पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) है। यह पर्व मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। इस पर्व का संबंध कुबार्नी से है। कुबार्नी का असल अर्थ ऐसे बलिदान से है जो दूसरों के लिए दिया गया हो। मौके पर मुस्लिम समुदाय के सभी लोग अपनेआसपास रहने वाले हिंदू भाइयों का खासतौर पर ध्यान रखें। और कोई भी ऐसा काम नहीं करें, जिससे समाज के बीच आपसी भाईचारा खराब हो। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य के शहर और गांव तथा व्यक्तित्व में भाईचारा, कौमी एकता, गंगा जमुनी तहजीब आज भी हमेशा की तरह कायम है और सभी पर्व त्यौहारों को आज भी हमलोग मिलजुलकर मनाते हैं। हम सभी लोगों को भाईचारा कायम रखते हुए ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार मनाना है। कांग्रेस के ओरमांझी पश्चिमी मंडल अध्यक्ष सह खाद आपूर्ति विधायक प्रतिनिधि सफीउल्लाह अंसारी ने यह भी अपील की है कि सोशल मीडिया के फेसबुक एवं व्हाट्सएप्प पर जानवर की कुबार्नी की फोटो ईत्यादी कोई ना डालें, जिससे कि भाईचारा व सौहार्द खराब हो। हालाकि कुछ असामाजिक लोग माहौल खराब करने का प्रयास करेंगे। लेकिन हमें ऐसे लोगों से सावधान रहना है और पुलिस व प्रशासन की मदद के माध्यम से भाईचारा कायम रखना है। खास तौर पर अपने आस-पड़ोस के हिंदू भाइयों का ध्यान रखते हुए हमें किसी भी तरह की कोई ऐसी गलती नहीं करनी है, जिससे कि हमारा प्रेम व भाईचारा खराब हो। इसके अलावा कुबार्नी की गई जानवरों के अवशेष को जहां तहां नहीं फेकना है। गहरा गड्डा खोदकर उसमें मिट्टी डाल दे, जिससे कि गंदगी ना फैले। उन्होंने कहा कि हमें गंगा जमुना तहजीब को कायम रखते हुए त्योहार मिलजुलकर मनाना है।








