छात्रावास खाली करने से छात्रों को होगी परेशानी, अभिभावकों ने कल्याण विभाग से मिलकर किया अन्यत्र
स्थानांतरण का आग्रह, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के गृह जिला गुमला का है यह मामला,
जागता झारखंड संवाददाता बसंत कुमार गुप्ता गुमला।छात्र संगठन से कल्याण मंत्री तक का सफर करने वाले विशनपुर विधायक और कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के गृह जिला गुमला के एस एस हाई स्कूल प्लस टू गुमला परिसर में कल्याण विभाग की ओर से संचालित छात्रावास के मरम्मति कार्य को लेकर विद्यालय के प्रधानाध्यापक के द्वारा छात्रावास खाली करने का निर्देश स्टूडेंट और अभिभावकों को दिया है। छात्रावास में क्लास सिक्स से लेकर इंटर और कॉलेज के स्टूडेंट रहते हैं। लेकिन छात्रावास के मरम्मति कार्य के लिए स्टूडेंट को छात्रावास खाली करने के निर्देश दिए जाने के बाद अभिभावक और छात्र चिंतित हैं कि वह अब कहां रहेंगे ।इस मुद्दे को लेकर छात्रावास के स्टूडेंट और उनके अभिभावक जिला कल्याण पदाधिकारी गुमला से मिलने गए हुए थे और उन्होंने छात्रावास के मरम्मति के दौरान किसी अन्य स्थल पर रहने की व्यवस्था करने की मांग की है। अभिभावक चिंतित है कि पढ़ाई के बीच अवधि में तीन-चार महीना के लिए छात्रावास खाली करके अन्य स्थलों से पढ़ाई के लिए रोज दिन आना-जाना भारी मुश्किल का काम है ऐसी स्थिति में सरकार और यहां के प्रशासनिक पदाधिकारी को बच्चों के लिए अन्यत्र छात्रावास की व्यवस्था करनी चाहिए लेकिन शिक्षा विभाग और ना ही कल्याण विभाग के द्वारा इस मामले को लेकर विशेष गंभीरता दिखाई गई और ना ही अभी तक छात्रावास में रहने वाले बच्चों के अन्यत्र निवास को लेकर कोई विशेष आदेश जारी हुई है। छात्रावास में रहने वाले छात्रों ने बताया कि कल्याण विभाग से मिलकर अन्यत्र व्यवस्था करने की मांग किया गया है लेकिन विभाग के द्वारा कोई भी कार्यवाही अभी तक नहीं हुई है जिससे कि हम लोग अन्य जगह शिफ्ट हो सके। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विकास विभाग गुमला की ओर से छात्रावास की मरम्मति के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। और विद्यालय के प्रधानाध्यापक से छात्रावास में रहने वाले बच्चों का अन्यत्र स्थानांतरित करने के लिए आग्रह किया गया था ।इसके आलोक में विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने पत्र जारी कर 19 अप्रैल तक छात्रावास खाली करने के आदेश जारी कर दिए हैं पत्र में कहा है कि आप अपने अभिभावक की देखरेख में स्कूल आने का कार्य करें। ऐसी स्थिति में अभिभावक का चिंता और भी बढ़ गया। अब अभिभावक और छात्र कल्याण विभाग और राज्य के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के सहयोग की प्रतीक्षा में है।








