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भंडरा में नौ दिवशीय घूरती रथ मेला का हुआ समापन।

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जागता झारखंड संवाददाता शकील अहमद भंडरा/लोहरदगा ज्ञात हो की 27 जून 2025 से भण्डरा में नौ दिवसीय एतिहासिक रथ यात्रा मेला का आयोजन शर्मा बंधुओं द्वारा प्रत्येक वर्ष की भाति इस वर्ष भी किया गया जिसमें लोहरदगा के अलावे गुमला राँची लातेहार चतरा खूंटी पलामू जिला के हजारों भक्त गण सम्मिलित हुए एवं रथारूढ़ महाप्रभू जगन्नाथ भाई बलभद्र एवं बहन शुभद्रा का दर्शन किया नौ दिनो तक महाप्रभू अपने मौसी के घर पर प्रवास के बाद अपने धाम वापस आ गए भक्तों ने महाप्रभू को विशेष पूजा एवं महाआरती के बाद अखिलेश्वर धाम स्थित मौसी बाड़ी से महाप्रभू के विग्रहों को रथारूढ़ कराकर ढोल नगाड़ा बजाते हुए हरिबोल एवं जय जगन्नाथ का उद्‌घोस करते हुए भंडरा ठाकुरबाड़ी लाया गया जहाँ महा प्रभू का महा आरती के बाद बातासा कटहल एवं मुरही के लड्डू का वितरण किया गया प्रसाद लेने एवं महाप्रभू का एक झलक पाने के लिए भक्तों में होड़ मच गई महाप्रभू को रथ से उतार कर ठाकुर बाड़ी के गर्भ गृह में सभी विग्रहों को उनके सिंहासन पर विराजमान कराया गया। इधर मेला परिषर में भी हजारों की संख्या में लोगों ने मौत का कुआँ सहित जादू एवं झूला का लुफ्त उठाया मिठाई एवं श्रृंगार के दुकानों पर भी लोगों का भारी भीड़ लगा हुआ था बच्चों एवं महिलाओं ने भी जम कर मेले का लुफ्त उठाया खिलौना एवं घरेलू समान का भी खुब खरिद्दारी हुई। मेला में पुलिस के जवानों के साथ आयोजन समिति के 50 स्वंयसेवक भी विधि व्यवस्था बनाए रखने एवं असमाजिक तत्वों से निपटने के लिए तत्पर दिखे भंडरा में रथ यात्रा मेला का इतिहास लगभग 200 वर्ष पुराना है।

Jagta Jharkhand
Author: Jagta Jharkhand

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